Popular Posts

नवम्बर में ठिठुराएगी सर्दी, पहले हफ्ते में मावठ की संभावना






एनडी न्यूज नेटवर्क। बीते 10 सालों में नवंबर का पारा 10 डिग्री के आसपास रहा। यानि नवंबर में लोगों को ठिठुरने के लिए तैयार रहना होगा। 2012,2015 और 2020 में तो रात का पारा 10 डिग्री के भी नीचे आ गया था। इस साल वैसे ही सर्दी पहले आ गई। अक्टूबर में ही बीते सालों की तुलना में पारा नीचे चल रहा है। इसका मतलब साफ है कि इस साल नवंबर में ठिठुरन शुरू हो जाएगी। ​बीते 100 साल का ​रिर्काड देखें तो 30 नवंबर 1937 को रात का पारा 0.06 डिग्री रहा। जो अब तक नहीं टूट सका।

10 में से 6 साल हुई बारिश : नवंबर के महीने से ही मावठ शुरू हो जाती है। बीते 10 सालों में 6 बार मावठ हुई है। 2024 में तो नवंबर में 13 एमएम बारिश हुई थी। 2019 में 10 एमएम बारिश हुई थी। इसके अलावा 2015,2016 और 2021 में भज्ञी मावठ हुई थी।

नवंबर का महीना गुलाबी सर्दी वाला होता है। सुबह शाम की गुनगुनी धूप प्रिय लगती है मगर इस महीने के पहले सप्ताह में ही पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बादल छा सकते हैं। कहीं कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। दूसरे सप्ताह से तापमान कम होना शुरू होगा और महीने के अंत तक कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाएगी।

पहले सप्ताह में ही प्रदेश में विक्षोभ का असर है जिसका असर बीकानेर के ग्रामीण इलाकों तक आ सकता है। बादलों की आवाजाही और कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी संभव है। ग्रामीण इलाके में बूंदाबांदी हो सकती है। 3 से 5 नवंबर के बीच ये स्थिति बनेगी। दूसरे और तीसरे सप्ताह में मौसम सामान्य रहेगा लेकिन उत्तरी हवाएं चलने से तापमान सामान्य से कम हो सकता है। तीसरे सप्ताह के अंत या चौथे सप्ताह में वापस एक विक्षोभ बनेगा जिससे मावठ के आसार बनेंगे। हालांकि तेज बारिश के आसार कम होंगे। महत्वपूर्ण ये है कि प्रशांत महासागर में ला-नीना (मौसम का पैटर्न बदलने वाली स्थिति) की हालत बनी हुई है। इसलिए इस साल सर्दी तेज पड़ सकती है।

रात का पारा ठहरा

नवंबर की पहली रात मिजाज के हिसाब से ठंडी रही। न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री रहा। हालांकि 19 के करीब पारा बीती बारिश के बाद 4 बार रह चुका है मगर नवंबर में 19 डिग्री तक आने के बाद वापस पारा चढ़ने की संभावना कम है। यानी अब पारे की सुई धीरे धीरे नीचे ही आएगी। दिन का पारा भी 32 डिग्री के करीब ही है। अ​​​​ब अलसुबह घूमने जाने वाले बुजुर्गों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। बच्चों को भी सुबह शाम गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है। क्योंकि ये आती हुई सर्दी है ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों की सारसंभाल जरूरी भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *