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डॉलर के मुकाबले रूपये में रिकॉर्ड गिरावट, वैश्विक बाजार के हालात अस्थिर






एनडी न्यूज नेटवर्क। ट्रेड अनिश्चिता के चलते लगातार भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है। इसके चलते भारतीय रुपया लगातार डालर के मुकाबले कमजोर होता जा रहा है। भारत का लगातार विदेशी कैपिटल का आउटफ्लो होना पड़ रहा है।

इसका सीधा असर शेयर बाजार व इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट पर पड़ रहा है। आपको बता दे कि इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.80 पर आ गया, जो इसका ऑलटाइम लो लेवल है। ऐसे में पिछले एक माह से भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है।

इस वजह से आई गिरावट

फॉरेन करेंसी ट्रेडर्स ने कहा कि ग्लोबल क्रू़ड ऑयल की कीमतों में भारी कमी और डॉलर के कमजोर रुख से लोकल करेंसी में भारी गिरावट आई है। उन्होंने आगे कहा कि निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले से पहले सतर्क हैं। मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी बुधवार को अपने नतीजे पेश करेगी।

सतर्क हो रहे ट्रेडर्स

एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि  आरबीआई की नीति से पहले रुपया 88.77 के आसपास स्थिर कारोबार कर रहा है, जिससे गिरती करेंसी को कुछ सहारा मिलने की उम्मीद है।पिछले दो सत्रों से शेयर बाजार स्थिर बने हुए हैं क्योंकि DII की खरीदारी ने लगातार FII की बिकवाली के दबाव को कम कर दिया है, जिससे रुपये की कमजोरी को सीमित करने में मदद मिली है। नीतिगत नतीजे पेश होने से पहले व्यापारियों के सतर्क रहने की संभावना है। रुपया के 88.45-89.15 के बीच रहने की उम्मीद है।

इस लेवल पर हुई थी ओपनिंग

बता दें कि आज इंटरबैंक करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.75 पर खुला।  आपको बता दे कि डालर के मुकाबले रुपये में पिछले एक साल में छह प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। यह गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को भी रुपये दोपहर बाद तक 88.67 पर कारोबार कर रहा है और उस पर लगातार दबाव बना हुआ है।

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